शौर्य चक्र विजेताओं से मिले डिप्टी CM विजय शर्मा, बोले- वीर जवानों का साहस देश की आने वाली पीढ़ियों को देगा प्रेरणा

Shaurya Chakra

छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने शौर्य चक्र से सम्मानित पुलिस और सुरक्षा बल के वीर जवानों से मुलाकात कर उनके साहस, समर्पण और राष्ट्रसेवा को नमन किया। नवा रायपुर अटल नगर स्थित अपने निवास कार्यालय में आयोजित इस विशेष मुलाकात में उन्होंने जवानों और उनके परिजनों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक (DGP) श्री अरुण देव गौतम, सम्मानित जवानों के परिवारजन और अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का माहौल गर्व और सम्मान से भरा हुआ था।

राष्ट्रपति के हाथों मिला शौर्य चक्र

हाल ही में भारत की राष्ट्रपति Droupadi Murmu द्वारा वीरता और अदम्य साहस के लिए कई जवानों को “शौर्य चक्र” से सम्मानित किया गया। इन्हीं वीर सपूतों से मिलकर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने उनके साहसिक कार्यों की सराहना की।

उन्होंने कहा कि ऐसे जवान देश की असली ताकत हैं, जिनकी बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

जवानों के साहस को किया नमन

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ और देश को अपने इन वीर सपूतों पर गर्व है। कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी इन जवानों ने अद्भुत साहस और रणनीतिक कौशल का परिचय दिया है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा के लिए समर्पित इन जवानों का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।

सम्मानित जवान

  • इंस्पेक्टर लक्ष्मण केवट
  • इंस्पेक्टर रामेश्वर प्रसाद देशमुख
  • राइफलमैन भोज राम साहू

इन सभी जवानों को उनके उत्कृष्ट साहसिक कार्यों के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है।

परिवारों के योगदान को भी बताया महत्वपूर्ण

विजय शर्मा ने जवानों के परिजनों से भी मुलाकात की और कहा कि देश सेवा के इस गौरवपूर्ण कार्य में परिवारों का त्याग, धैर्य और समर्थन भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है।

उन्होंने कहा कि जब कोई जवान देश की रक्षा के लिए सीमाओं और दुर्गम क्षेत्रों में तैनात रहता है, तब उसके पीछे परिवार का अटूट सहयोग होता है।

कांकेर ऑपरेशन में दिखाई थी वीरता

इंस्पेक्टर लक्ष्मण केवट और इंस्पेक्टर रामेश्वर प्रसाद देशमुख को 16 अप्रैल 2024 को कांकेर क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान असाधारण नेतृत्व और साहस दिखाने के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया।

उनके नेतृत्व में सुरक्षा बलों ने कठिन परिस्थितियों में नक्सलियों का मुकाबला करते हुए बड़ी सफलता हासिल की थी।

ऑपरेशन की प्रमुख उपलब्धियां

  • प्रभावी रणनीतिक नेतृत्व
  • नक्सलियों के खिलाफ सफल कार्रवाई
  • सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ाया
  • क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई

घायल होने के बाद भी नहीं छोड़ा मोर्चा

राइफलमैन भोज राम साहू को भारत-म्यांमार सीमा पर घुसपैठ विरोधी अभियान में अद्भुत वीरता दिखाने के लिए शौर्य चक्र प्रदान किया गया।

गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने मोर्चा संभाले रखा और दुश्मनों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। उनके साहसिक योगदान से अभियान सफल रहा।

जवानों के सम्मान और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध सरकार

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार सुरक्षा बलों के जवानों, उनके परिवारों और उनके कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि जवानों का साहस, समर्पण और बलिदान राष्ट्र सेवा का सर्वोच्च उदाहरण है। सरकार उनके सम्मान और सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाती रहेगी।

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