खनिज माफिया
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में अवैध खनन और खनिज कारोबार के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खनिज माफियाओं को करारा झटका दिया है। कलेक्टर के सख्त निर्देशों के बाद खनिज विभाग की टीम ने पिछले पांच दिनों तक जिले के विभिन्न इलाकों में लगातार छापामार कार्रवाई की। इस अभियान के दौरान अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण में शामिल कई प्रतिष्ठानों और वाहनों पर कार्रवाई की गई।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद जिले में अवैध खनिज कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति बन गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि प्राकृतिक संसाधनों की चोरी और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
8 क्रेशर और भंडारण केंद्रों पर लगा ताला
खनिज विभाग की जांच टीम ने सारंगढ़, सरिया और बरमकेला क्षेत्र में संचालित कई स्वीकृत क्रेशर और भंडारण परिसरों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई स्थानों पर गंभीर अनियमितताएं और नियमों के उल्लंघन के मामले सामने आए।
इसके बाद प्रशासन ने छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन एवं भंडारण) नियम 2009 के तहत कुल 8 क्रेशर और भंडारण परिसरों को जब्त कर सील कर दिया।
कार्रवाई के प्रमुख कारणों में शामिल हैं:
- निर्धारित नियमों का पालन नहीं करना।
- खनिज भंडारण से संबंधित दस्तावेजों में अनियमितता।
- संचालन के दौरान आवश्यक मानकों की अनदेखी।
- परिवहन और रिकॉर्ड संबंधी गड़बड़ियां।
पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने वाली माइंस भी सील
क्रेशरों के अलावा प्रशासन ने एक स्वीकृत खदान पर भी बड़ी कार्रवाई की है। जांच के दौरान खनन पट्टे के संचालन में पर्यावरणीय नियमों और स्वीकृति की शर्तों के उल्लंघन के आरोप पाए गए।
इसके बाद संबंधित माइंस को तत्काल प्रभाव से जब्त कर सील कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार मामले में वैधानिक प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी और जांच के आधार पर अतिरिक्त कार्रवाई की जा सकती है।
अवैध परिवहन पर भी प्रशासन का शिकंजा
सिर्फ खदानों और क्रेशरों तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रही, बल्कि सड़क पर अवैध खनिज परिवहन करने वाले वाहनों पर भी सख्त कदम उठाए गए।
खनिज विभाग की टीम ने सरिया क्षेत्र में जांच के दौरान:
- डोलोमाइट का अवैध परिवहन करते हुए 2 हाइवा वाहन पकड़े।
- रेत के अवैध परिवहन में लगे 8 ट्रैक्टर जब्त किए।
- कुल 10 वाहनों को कब्जे में लिया गया।
- सभी वाहनों को नियमानुसार पुलिस अभिरक्षा में सौंप दिया गया।
यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 और खान एवं खनिज विकास अधिनियम 1957 के तहत की गई है।
पर्यावरण संरक्षण को लेकर प्रशासन गंभीर
विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध खनन केवल राजस्व की हानि का कारण नहीं बनता, बल्कि इससे पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों को भी गंभीर नुकसान पहुंचता है। अनियंत्रित उत्खनन से भूजल स्तर, कृषि भूमि और स्थानीय पारिस्थितिकी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
इसी वजह से प्रशासन अब अवैध खनन के खिलाफ लगातार निगरानी और कार्रवाई की रणनीति पर काम कर रहा है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
जिला प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि खनिज माफियाओं के खिलाफ यह अभियान किसी एक कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले दिनों में भी अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ लगातार निरीक्षण और छापेमारी जारी रहेगी।
प्रशासन का संदेश स्पष्ट है कि जिले के खनिज संसाधनों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।