एक पेड़ माँ के नाम
छत्तीसगढ़ में पर्यावरण संरक्षण और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को जनआंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरगुजा प्रवास के दौरान एक ऐसा संदेश दिया, जिसमें मातृशक्ति के सम्मान, प्रकृति संरक्षण और भगवान श्रीराम के आदर्शों का सुंदर समन्वय देखने को मिला।
मुख्यमंत्री ने विकासखंड उदयपुर स्थित रामगढ़ के फॉरेस्ट रेस्ट हाउस “राम वाटिका” पहुंचकर स्थापित भगवान श्रीराम की प्रतिमा को नमन किया और प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के राष्ट्रीय अभियान “एक पेड़ माँ के नाम 3.0” के तहत रुद्राक्ष का पौधा लगाकर लोगों को प्रकृति से जुड़ने का संदेश दिया।
मातृशक्ति के सम्मान का प्रतीक बना पौधारोपण
मुख्यमंत्री ने कहा कि माँ के नाम पर लगाया गया एक पौधा केवल एक पेड़ नहीं, बल्कि भावनाओं, संस्कारों और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक है। यह अभियान लोगों को अपनी माताओं के सम्मान के साथ पर्यावरण संरक्षण के लिए भी प्रेरित करता है।
उन्होंने कहा कि आज जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय चुनौतियां पूरी दुनिया के सामने बड़ी चिंता का विषय हैं। ऐसे समय में पौधारोपण और उनका संरक्षण भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण तैयार करने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
लोगों से किया अधिक पौधे लगाने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे केवल पौधे लगाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी न समझें, बल्कि उनके संरक्षण और संवर्धन का भी संकल्प लें।
उन्होंने कहा कि:
- हर परिवार कम से कम एक पौधा जरूर लगाए।
- लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल की जाए।
- बच्चों और युवाओं को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ा जाए।
- जल, जंगल और जमीन के संरक्षण को जनभागीदारी से मजबूत बनाया जाए।
उनका कहना था कि यदि समाज और सरकार मिलकर काम करें तो आने वाले वर्षों में पर्यावरण संतुलन को मजबूत बनाया जा सकता है।
भगवान श्रीराम के आदर्शों पर चलने का संदेश
राम वाटिका में भगवान श्रीराम की प्रतिमा को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु श्रीराम का जीवन सत्य, मर्यादा, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा का सर्वोच्च उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्श आज भी समाज को दिशा देने का काम करते हैं। सेवा, सद्भाव और समर्पण की भावना से ही एक मजबूत और विकसित समाज का निर्माण संभव है।
मुख्यमंत्री ने लोगों से आह्वान किया कि वे श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं और समाज तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
इस अवसर पर राज्य सरकार के कई मंत्री और जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में राजेश अग्रवाल, रामविचार नेताम, प्रबोध मिंज तथा रामकुमार टोप्पो सहित अनेक जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की पहल
“एक पेड़ माँ के नाम 3.0” अभियान केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रकृति संरक्षण को सामाजिक जिम्मेदारी और जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हर व्यक्ति एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प ले, तो आने वाले वर्षों में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़े सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं। यही अभियान भविष्य की पीढ़ियों को हरित, स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण देने की मजबूत नींव साबित हो सकता है।