दिल्ली से लौटते ही सीएम साय का बड़ा ऐलान: प्रदेश के सभी कोचिंग सेंटरों की होगी जांच, छत्तीसगढ़ में आयुर्वेद एम्स की मांग तेज

विष्णुदेव साय

रायपुर। दो दिवसीय दिल्ली दौरे से लौटने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश के विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी सरकार की प्राथमिकताओं को सामने रखा। उन्होंने बताया कि दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्र सरकार के वरिष्ठ नेताओं के साथ छत्तीसगढ़ के विकास से जुड़े विषयों पर सकारात्मक चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से विद्यार्थियों की सुरक्षा, बस्तर के विकास, आयुर्वेदिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार और यूपीएससी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बेहतर व्यवस्था पर जोर दिया।

प्रदेश के सभी कोचिंग संस्थानों की होगी जांच

हाल ही में लखनऊ में एक कोचिंग संस्थान में हुए हादसे का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं की जा सकती।

उन्होंने बताया कि मुख्य सचिव को निर्देश दिए गए हैं कि राज्य के सभी कोचिंग संस्थानों की जांच कराई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि वे सुरक्षा मानकों का पालन कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री के अनुसार—

  • सभी कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा होगी।
  • अग्नि सुरक्षा और भवन सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी।
  • नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
  • विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

दिल्ली में केंद्रीय नेताओं से हुई महत्वपूर्ण चर्चा

दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने कई केंद्रीय नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ बस्तर क्षेत्र के विकास और सुरक्षा से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

इस बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी उपस्थित रहे।

इसके अलावा मुख्यमंत्री ने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों के साथ भी राज्य से जुड़े विभिन्न विकास कार्यों पर बातचीत की।

छत्तीसगढ़ में आयुर्वेद एम्स की मांग

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ में आयुर्वेद आधारित एम्स की स्थापना की मांग रखी।

उन्होंने कहा कि राज्य का लगभग 44 प्रतिशत हिस्सा वन क्षेत्र से आच्छादित है और यहां बड़ी मात्रा में औषधीय पौधे तथा जड़ी-बूटियां पाई जाती हैं।

मुख्यमंत्री के अनुसार आयुर्वेद एम्स बनने से—

  • आयुर्वेदिक अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा।
  • पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को मजबूती मिलेगी।
  • स्थानीय औषधीय संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा।
  • रोजगार और स्वास्थ्य सेवाओं के नए अवसर पैदा होंगे।

आपातकाल को बताया “संविधान हत्या दिवस”

25 जून 1975 को लागू हुए आपातकाल की वर्षगांठ पर मुख्यमंत्री ने इसे “संविधान हत्या दिवस” बताया। उन्होंने कहा कि उस दौर में लोकतांत्रिक अधिकारों पर प्रतिबंध लगाए गए थे और कई विपक्षी नेताओं को जेल भेज दिया गया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई पीढ़ी को देश के इस महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दौर की जानकारी होनी चाहिए। इसी उद्देश्य से राष्ट्रीय स्तर पर शैक्षणिक पाठ्यक्रमों में इस विषय को शामिल किया जा रहा है।

यूपीएससी अभ्यर्थियों के लिए बढ़ेगी सुविधाएं

मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों के लिए बनाए गए यूथ हॉस्टल का अच्छा परिणाम सामने आया है। वहां रहकर तैयारी करने वाले 13 विद्यार्थियों ने यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में सफलता प्राप्त की है।

अब सरकार इन अभ्यर्थियों के लिए मुख्य परीक्षा की तैयारी हेतु अतिरिक्त सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है।

शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास पर सरकार का फोकस

दिल्ली दौरे के बाद मुख्यमंत्री के बयानों से साफ संकेत मिलते हैं कि राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और युवाओं के भविष्य को लेकर कई नई पहल करने की तैयारी में है। कोचिंग संस्थानों की जांच, आयुर्वेद एम्स की मांग और यूपीएससी अभ्यर्थियों के लिए सुविधाओं का विस्तार आने वाले समय में राज्य की प्राथमिक योजनाओं में शामिल रह सकता है।

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