रामगढ़ महोत्सव
अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को राष्ट्रीय पहचान दिलाने वाले बहुप्रतीक्षित रामगढ़ महोत्सव 2026 की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने विकासखंड उदयपुर स्थित रामवनगमन पर्यटन परिपथ और विश्व की प्राचीनतम नाट्यशाला रामगढ़ का स्थल निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया।
दो दिवसीय यह महोत्सव 29 और 30 जून को आयोजित किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। आयोजन को लेकर प्रशासन और विभिन्न विभागों द्वारा व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।
सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का प्रयास
निरीक्षण के दौरान मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि रामगढ़ महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और पुरातात्विक धरोहरों को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण मंच है।
उन्होंने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से रामगढ़ क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान, सीताबेंगरा और जोगीमारा गुफाओं सहित रामवनगमन पर्यटन परिपथ को नई पहचान मिलेगी और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
इन व्यवस्थाओं का किया गया निरीक्षण
मंत्री ने आयोजन स्थल पर पहुंचकर विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर सभी कार्य पूरे करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने निम्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया—
- सीताबेंगरा गुफा परिसर की तैयारियां
- हाथी पोल क्षेत्र की व्यवस्था
- हेलीपैड निर्माण और सुरक्षा प्रबंधन
- मुख्य मंच और सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थल
- पार्किंग व्यवस्था
- पंडाल और बैठक व्यवस्था
- विद्युत आपूर्ति की तैयारियां
- पेयजल और स्वच्छता सुविधाएं
- विभागीय प्रदर्शनी और स्टॉल की तैयारी
उन्होंने अधिकारियों को सभी व्यवस्थाओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आकर्षक बनाने के निर्देश दिए।
विभागों के बीच समन्वय पर विशेष जोर
मंत्री राजेश अग्रवाल ने महोत्सव के सफल आयोजन के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आगंतुकों की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
इसके लिए विशेष रूप से—
- यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने,
- सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने,
- सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तय करने,
- पर्यटकों के लिए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने,
- और विभागवार जिम्मेदारियां स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय होंगे मुख्य अतिथि
महोत्सव में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण होगी। उनके साथ कई जनप्रतिनिधि, कलाकार, सांस्कृतिक दल और बड़ी संख्या में पर्यटक भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।
प्रशासन का अनुमान है कि दो दिनों के इस आयोजन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से हजारों लोग पहुंचेंगे।
कलेक्टर ने भी अधिकारियों को दिए निर्देश
कलेक्टर अजीत वसंत ने भी आयोजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी विभागों को समय पर सौंपे गए दायित्वों को पूरा करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत के अधिकारी, लोक निर्माण विभाग, राजस्व विभाग और अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
पर्यटन और संस्कृति को मिलेगा नया आयाम
रामगढ़ महोत्सव 2026 से न केवल प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिलेगी, बल्कि पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। सीताबेंगरा और जोगीमारा जैसी ऐतिहासिक धरोहरों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करने में यह आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
आने वाले दिनों में पूरा रामगढ़ क्षेत्र सांस्कृतिक रंगों और ऐतिहासिक गौरव से सराबोर नजर आएगा।