कोरबा में रिश्वतखोरी पर कलेक्टर का बड़ा एक्शन! नकल के बदले पैसे मांगने के आरोप में तहसील कर्मचारी सस्पेंड

तहसील कर्मचारी सस्पेंड

कुणाल दुदावत ने भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताओं के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए तहसील कार्यालय कटघोरा में पदस्थ कर्मचारी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है।

कोरबा में रिश्वत मांगने के आरोप पर तहसील कर्मचारी निलंबित

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन लगातार सख्त कदम उठा रहा है। इसी कड़ी में कलेक्टर कुणाल दुदावत ने तहसील कार्यालय कटघोरा में पदस्थ सहायक ग्रेड-02 कर्मचारी मंजू कृष्णा धिरही को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

यह कार्रवाई कथित तौर पर नकल जारी करने के बदले अवैध राशि मांगने की शिकायत के बाद की गई है।

शिकायत के साथ प्रस्तुत किया गया वीडियो

प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक आवेदक ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं दंडाधिकारी कटघोरा के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि तहसील कार्यालय में दस्तावेज की नकल जारी करने के एवज में पैसे की मांग की गई थी।

बताया गया है कि शिकायतकर्ता ने अपने आरोपों के समर्थन में एक वीडियो रिकॉर्डिंग भी प्रस्तुत की थी, जिसे जांच के दौरान महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में देखा गया।

जांच के बाद हुई कार्रवाई

मामले की जांच और परीक्षण के बाद मंजू कृष्णा धिरही के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की गई।

इसके बाद कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से निलंबन का आदेश जारी कर दिया।

निलंबन अवधि में यहां रहेगा मुख्यालय

जारी आदेश के अनुसार निलंबन अवधि के दौरान कर्मचारी का मुख्यालय पोंड़ी-उपरोड़ा तहसील कार्यालय निर्धारित किया गया है।

निलंबन के दौरान संबंधित कर्मचारी को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।

भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त रुख

जिला प्रशासन का कहना है कि सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से सरकारी कार्यालयों में कार्य संस्कृति में सुधार होगा और आम नागरिकों का विश्वास भी मजबूत होगा।

आम नागरिकों से सहयोग की अपील

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी भी सरकारी कार्यालय में उनसे अवैध राशि की मांग की जाती है या किसी प्रकार की अनियमितता दिखाई देती है, तो इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को दें।

शिकायतों पर जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

पारदर्शी प्रशासन की दिशा में कदम

कोरबा जिला प्रशासन की यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के मामलों में अब सख्त रवैया अपनाया जा रहा है। आने वाले समय में भी ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई जारी रहने की संभावना है।

इस कदम को प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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