छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस ने एक अवैध गुटखा निर्माण और पैकेजिंग यूनिट का भंडाफोड़ किया है। आरोप है कि डिटर्जेंट पाउडर बनाने के नाम पर किराए पर लिए गए गोदाम में जर्दायुक्त गुटखा तैयार किया जा रहा था। पुलिस की कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
यह मामला दुर्ग जिले के जेवरा सिरसा चौकी क्षेत्र के कचांदुर गांव का है, जहां एक गोदाम में लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियां संचालित होने की सूचना मिली थी।
डिटर्जेंट बनाने का बहाना, अंदर चल रहा था दूसरा कारोबार
जानकारी के अनुसार, सुपेला निवासी मोहम्मद मुस्तफा ने अपना गोदाम करीब 20 दिन पहले उत्तर प्रदेश के उन्नाव निवासी मोहम्मद शान को किराए पर दिया था।
गोदाम किराए पर लेते समय मोहम्मद शान ने बताया था कि वह यहां डिटर्जेंट पाउडर निर्माण का काम करेगा। शुरुआत में सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन कुछ दिनों बाद गोदाम मालिक को संदेह होने लगा।
कई दिनों तक किराएदार से संपर्क नहीं हो पाया और उसका मोबाइल फोन भी लगातार बंद आने लगा। इसके बाद गोदाम मालिक ने पुलिस को सूचना देने का फैसला किया।
पुलिस जांच में हुआ बड़ा खुलासा
सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और गोदाम की तलाशी ली। जांच के दौरान पुलिस को भारी मात्रा में गुटखा निर्माण और पैकेजिंग से जुड़ी सामग्री मिली।
पुलिस ने मौके से बरामद किया—
- 32 बड़े बोरे तैयार गुटखे के
- 32 बोरे मीठी सुपारी
- गुटखा निर्माण में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल
- पैकिंग मशीन
- मिक्सिंग मशीन
- पैकेजिंग से जुड़ी अन्य सामग्री
बरामद सामग्री की मात्रा को देखते हुए यह आशंका जताई जा रही है कि यहां बड़े पैमाने पर अवैध कारोबार संचालित किया जा रहा था।
फूड सेफ्टी विभाग को सौंपी गई सामग्री
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को भी मौके पर बुलाया। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि गोदाम में अवैध रूप से जर्दायुक्त गुटखा तैयार और पैक किया जा रहा था।
बरामद सामग्री को आगे की जांच के लिए फूड सेफ्टी अधिकारियों को सौंप दिया गया है।
फरार किराएदार की तलाश में पुलिस
फिलहाल पुलिस गोदाम किराए पर लेने वाले मोहम्मद शान और उससे जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि यह अवैध कारोबार केवल स्थानीय स्तर तक सीमित था या इसके तार अन्य जिलों और राज्यों से भी जुड़े हुए हैं।
स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है अवैध गुटखा
विशेषज्ञों के अनुसार जर्दायुक्त गुटखा और तंबाकू उत्पाद गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकते हैं। ऐसे उत्पादों का अवैध निर्माण और बिक्री न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए भी बड़ा खतरा है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग का कहना है कि जिले में अवैध खाद्य और तंबाकू उत्पादों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। जांच पूरी होने के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल दुर्ग पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।