कांकेर दौरे पर एक्शन मोड में दिखे उप मुख्यमंत्री अरुण साव, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयसीमा पर दिया विशेष जोर

उत्तर बस्तर कांकेर। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं कांकेर जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव ने अपने कांकेर प्रवास के दौरान विभिन्न निर्माणाधीन परियोजनाओं का औचक निरीक्षण कर अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी परियोजनाएं निर्धारित समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरी की जानी चाहिए।

निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन नालंदा परिसर और अमोड़ा-नरहरपुर सड़क चौड़ीकरण परियोजना का जायजा लिया। उन्होंने कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और समयसीमा की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जवाबदेही के साथ काम करने के निर्देश दिए।

नालंदा परिसर का किया निरीक्षण

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कांकेर शहर के घड़ी चौक के पास निर्माणाधीन नालंदा परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता का बारीकी से अवलोकन किया और मौके पर मौजूद अधिकारियों से प्रगति की जानकारी ली।

उन्होंने संबंधित निर्माण एजेंसी और नगर पालिका प्रशासन को निर्देश देते हुए कहा कि:

  • नालंदा परिसर का निर्माण अक्टूबर 2026 तक हर हाल में पूरा किया जाए।
  • गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए।
  • निर्माण कार्य की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।
  • निर्धारित समयसीमा का सख्ती से पालन किया जाए।

शहर की स्वच्छता को लेकर भी दिए कड़े निर्देश

निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री ने नगर पालिका के अधिकारियों को स्वच्छता व्यवस्था को लेकर भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगली बार उनके दौरे के दौरान शहर की किसी भी गली या मोहल्ले का अचानक निरीक्षण किया जा सकता है।

उन्होंने अधिकारियों से कहा:

  • शहर में सफाई व्यवस्था बेहतर बनाए रखें।
  • सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता सुनिश्चित करें।
  • कचरा प्रबंधन पर विशेष ध्यान दें।
  • जिला मुख्यालय की गरिमा के अनुरूप शहर को सुंदर और व्यवस्थित बनाया जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि निरीक्षण के दौरान कहीं गंदगी या अव्यवस्था पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

अमोड़ा-नरहरपुर सड़क निर्माण में देरी पर जताई नाराजगी

इसके बाद उप मुख्यमंत्री ने अमोड़ा-नरहरपुर मार्ग के चौड़ीकरण और डामरीकरण कार्य का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सड़क निर्माण की धीमी गति पर उन्होंने असंतोष व्यक्त किया।

उन्होंने लोक निर्माण विभाग और निर्माण एजेंसी को निर्देश दिया कि:

  • अतिरिक्त मशीनें और श्रमिक लगाए जाएं।
  • कार्य की गति तत्काल बढ़ाई जाए।
  • बारिश शुरू होने से पहले अधिकतम काम पूरा किया जाए।
  • परियोजना की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।

16 किलोमीटर सड़क से बढ़ेगी क्षेत्र की कनेक्टिविटी

अधिकारियों ने बताया कि अमोड़ा-नरहरपुर सड़क परियोजना लगभग 16 किलोमीटर लंबी है और इसकी निर्धारित पूर्णता अवधि फरवरी 2027 तय की गई है। वर्तमान में सड़क के साथ पुलियों का निर्माण कार्य चल रहा है।

इस पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून शुरू होने के बाद निर्माण कार्य प्रभावित हो सकता है, इसलिए उपलब्ध समय का अधिकतम उपयोग करते हुए तेजी से काम पूरा किया जाए।

विकास कार्यों में नहीं होगी लापरवाही

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में भी मजबूत आधारभूत ढांचा विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। सड़क, शिक्षा और नगरीय सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाएं आम लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी निर्माण कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि जनता को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।

कांकेर में हुए इस निरीक्षण से स्पष्ट संकेत मिला है कि राज्य सरकार विकास कार्यों की प्रगति पर लगातार नजर बनाए हुए है और किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।

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