महासमुंद जिले में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत 16 जून से होने जा रही है। इस अवसर पर पूरे जिले में शाला प्रवेश उत्सव 2026 का भव्य आयोजन किया जाएगा। राज्य शासन, स्कूल शिक्षा विभाग और समग्र शिक्षा के निर्देशों के तहत सभी शासकीय प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी विद्यालयों में विशेष तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप बच्चों को बेहतर, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस बार कई महत्वपूर्ण बदलाव और नई व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं। जिला प्रशासन ने सभी अधिकारियों और स्कूल प्रबंधन को निर्धारित समय-सीमा में तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
16 जून को उत्सव जैसा होगा माहौल
शाला प्रवेश उत्सव के पहले दिन स्कूलों में विशेष स्वागत कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पहली कक्षा और छठवीं कक्षा में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों का तिलक लगाकर, माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर स्वागत किया जाएगा।
इस दौरान विद्यार्थियों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ भी दिया जाएगा, जिनमें शामिल हैं—
- निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें
- अभ्यास पुस्तिकाएं
- गणवेश (यूनिफॉर्म)
- सरस्वती साइकिल योजना का लाभ
- छात्रवृत्ति
- मध्यान्ह भोजन
पालकों और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से कई स्कूलों में न्योता भोज का आयोजन भी किया जाएगा।
हर ब्लॉक में खुलेंगे नए स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय
राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना के तहत महासमुंद जिले के प्रत्येक विकासखंड में एक-एक स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय शुरू किया जाएगा। जिले में कुल 5 नए विद्यालय खुलने से अंग्रेजी माध्यम में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर अधिक विद्यार्थियों को मिलेगा।
इन विद्यालयों का विकास पीएम श्री स्कूलों की तर्ज पर किया जाएगा, जहां आधुनिक शिक्षण सुविधाएं, बेहतर अधोसंरचना और नवाचार आधारित शिक्षा व्यवस्था विकसित की जाएगी।
शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति होगी अनिवार्य
नए शैक्षणिक सत्र से शिक्षकों और विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन अटेंडेंस सिस्टम को अनिवार्य बनाया गया है।
जिला शिक्षा विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि—
- शिक्षकों को ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करनी होगी।
- विद्यार्थियों की उपस्थिति का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा।
- सभी स्कूलों की नियमित मॉनिटरिंग होगी।
- अधिकारियों को सतत निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
दो बार होगी प्रार्थना सभा
राज्य शासन के निर्देशानुसार सभी स्कूलों में प्रतिदिन दो बार प्रार्थना सभा आयोजित की जाएगी।
सुबह 10 बजे
- राष्ट्रगीत
- राष्ट्रगान
- सरस्वती वंदना
- दीप मंत्र
- गुरु मंत्र
- महापुरुषों के जीवन पर विद्यार्थियों का वाचन
छुट्टी से पहले
- राजकीय गीत
- गायत्री मंत्र
- शांति मंत्र
के साथ शाला संचालन का समापन किया जाएगा।
शून्य ड्रॉप-आउट का लक्ष्य
इस वर्ष शिक्षा विभाग ने “शून्य ड्रॉप-आउट” का लक्ष्य निर्धारित किया है। यानी कोई भी बच्चा स्कूल से बाहर न रहे।
इसके लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है—
- आंगनबाड़ी केंद्रों से बच्चों की सूची लेकर कक्षा पहली में प्रवेश
- पांचवीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों को सीधे छठवीं में प्रवेश
- आठवीं के बाद नौवीं में प्रवेश की विशेष व्यवस्था
- दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए मेंटर शिक्षक नियुक्त
तीन महीने का शैक्षणिक रोडमैप तैयार
सभी विषय शिक्षकों को आगामी तीन माह का शैक्षणिक रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही राज्य शासन के शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार पाठ्यक्रम समय-सीमा में पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया है।
नई शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप विद्यालयों में—
- प्रयोगशालाओं का उपयोग
- पुस्तकालय गतिविधियां
- अटल टिंकरिंग लैब
- गतिविधि आधारित शिक्षण
को बढ़ावा दिया जाएगा।