किसान हितैषी नीतियाँ
छत्तीसगढ़ में किसान हितैषी नीतियों का सकारात्मक असर अब जमीन पर दिखने लगा है। राज्य शासन द्वारा सुनिश्चित की गई पारदर्शी और त्वरित व्यवस्था से अन्नदाता अब खेती-किसानी के कार्यों के लिए आवश्यक खाद और बीज आसानी से प्राप्त कर रहे हैं। ग्राम पंचायत सखौली के प्रगतिशील किसान श्री कमलेश राजवाड़े ने इस सुविधा का अनुभव साझा करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद ज्ञापित किया।
समिति केंद्र पर सुगम व्यवस्था
अम्बिकापुर विकासखंड में स्थानीय सहकारी समिति केंद्र पर श्री कमलेश ने यूरिया खाद लेने पहुंचे। वहां उन्हें बिना किसी विलंब या परेशानी के तत्काल परमिट काटकर खाद उपलब्ध कराया गया। इसके साथ ही उनका भुगतान भी समय पर चेक के माध्यम से किया गया। उन्होंने बताया कि समिति केंद्र पर सभी प्रक्रियाएँ सरल और पारदर्शी हैं, जिससे किसानों को बार-बार इंतजार या झंझट झेलने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
खेती के लिए समय पर खाद की उपलब्धता
श्री कमलेश राजवाड़े के पास लगभग 2 एकड़ कृषि भूमि है। खरीफ सीजन में वे मुख्य रूप से धान की खेती करते हैं, जबकि बाकी समय में आलू, गोभी, टमाटर जैसी सब्जियाँ उगाते हैं। इस वर्ष उन्हें समिति से 2 बोरी यूरिया, 1 बोरी इको और 1 बोरी राखड़ खाद आसानी से मिल गई। समय पर पर्याप्त खाद मिल जाने से उनकी फसल को उचित पोषण मिला और उत्पादन में सुधार की संभावना बढ़ गई।
किसान का मुख्यमंत्री को धन्यवाद
समिति की सुगम व्यवस्था से बेहद प्रसन्न होकर श्री कमलेश ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह पारदर्शी और त्वरित प्रक्रिया किसानों के लिए बहुत राहत देने वाली है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे किसान हितैषी कदम से खेती-किसानी में आत्मविश्वास बढ़ता है और उत्पादन में सुधार की संभावना भी बढ़ती है।