‘घर बैठे मिला जाति प्रमाण पत्र’: सेवा सेतु पोर्टल ने बदली लोमेश्वरी की जिंदगी, छत्तीसगढ़ में डिजिटल सुशासन की नई मिसाल

सेवा सेतु पोर्टल

जनता के द्वार पहुंच रही डिजिटल सरकार

तकनीक जब आम नागरिकों की जिंदगी आसान बना दे, तभी उसे वास्तविक सुशासन कहा जाता है। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी पहल “सेवा सेतु पोर्टल” आज इसी सोच को साकार कर रही है। यह पोर्टल सरकारी सेवाओं को लोगों के घर तक पहुंचाने वाला एक ऐसा डिजिटल माध्यम बन चुका है, जिसने लंबी कतारों, सरकारी दफ्तरों के चक्कर और अनावश्यक खर्चों को काफी हद तक खत्म कर दिया है।

आज हजारों लोग घर बैठे विभिन्न प्रमाण पत्रों और सरकारी सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं।

धमतरी की लोमेश्वरी बनीं डिजिटल बदलाव की मिसाल

धमतरी जिले के कुरूद तहसील अंतर्गत ग्राम करेली की रहने वाली लोमेश्वरी साहू की कहानी इस डिजिटल परिवर्तन की सबसे बड़ी मिसाल बनकर सामने आई है।

पहले जहां एक साधारण प्रमाण पत्र बनवाने के लिए कई दिनों तक सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, वहीं अब वही काम कुछ क्लिक के जरिए घर बैठे पूरा हो रहा है।

लोमेश्वरी बताती हैं कि पहले:

  • तहसील कार्यालय तक बार-बार जाना पड़ता था।
  • बस और अन्य यात्रा खर्च उठाना पड़ता था।
  • दस्तावेजों की जानकारी के अभाव में आवेदन अटक जाता था।
  • कई बार पूरा दिन केवल एक छोटे से काम में निकल जाता था।

घर बैठे किया आवेदन, समय पर मिला प्रमाण पत्र

जब लोमेश्वरी को जाति प्रमाण पत्र की आवश्यकता पड़ी, तब उन्होंने सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया।

उन्होंने:

  • आवश्यक दस्तावेज अपलोड किए।
  • मोबाइल के माध्यम से आवेदन की स्थिति देखी।
  • निर्धारित समय सीमा में प्रमाण पत्र प्राप्त किया।

सबसे खास बात यह रही कि उन्हें किसी भी कार्यालय के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़े।

कुरूद के एसडीएम द्वारा उन्हें जाति प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।

सेवा सेतु ने खत्म की बिचौलियों पर निर्भरता

सेवा सेतु पोर्टल का सबसे बड़ा लाभ यह है कि नागरिक अब अपने काम के लिए किसी बिचौलिए या एजेंट पर निर्भर नहीं हैं।

इससे लोगों को कई प्रकार के फायदे मिल रहे हैं:

  • समय की बचत
  • आर्थिक खर्च में कमी
  • प्रक्रिया में पारदर्शिता
  • आवेदन की ऑनलाइन ट्रैकिंग
  • सेवाओं की समयबद्ध उपलब्धता

पारदर्शी व्यवस्था से बढ़ा जनता का भरोसा

डिजिटल प्लेटफॉर्म की वजह से नागरिक अब अपने आवेदन की स्थिति स्वयं देख सकते हैं। इससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हुई है और लोगों का शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है।

लोमेश्वरी साहू का कहना है कि पहले सरकारी काम को लेकर लोगों में अनिश्चितता रहती थी, लेकिन अब ऑनलाइन व्यवस्था ने पूरी प्रक्रिया को सरल और भरोसेमंद बना दिया है।

ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सशक्तिकरण की नई पहचान

सेवा सेतु केवल एक पोर्टल नहीं बल्कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में डिजिटल सशक्तिकरण का माध्यम बन चुका है।

इस पहल से:

  • ग्रामीण नागरिकों को सरकारी सेवाओं तक आसान पहुंच मिली है।
  • डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा मिला है।
  • महिलाओं और युवाओं की भागीदारी बढ़ी है।
  • प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता आई है।

सुशासन की दिशा में बड़ा कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल तकनीक के सही उपयोग से शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। सेवा सेतु पोर्टल इसी दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।

“जनता के द्वार, डिजिटल सरकार” का नारा अब केवल एक अवधारणा नहीं रह गया है, बल्कि यह लोगों के जीवन में प्रत्यक्ष बदलाव का माध्यम बन चुका है।

धमतरी की लोमेश्वरी साहू की कहानी यह साबित करती है कि यदि तकनीक का उपयोग सही दिशा में किया जाए तो सरकारी सेवाओं को सरल, पारदर्शी और आम नागरिकों के लिए सुलभ बनाया जा सकता है। यही डिजिटल सुशासन की असली पहचान है।

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