बच्चों के बीच बैठकर पढ़ी ABCD, महिलाओं के काम को सराहा और पुनर्वास केंद्र पहुंचीं मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

लक्ष्मी राजवाड़े

सुकमा दौरे पर मंत्री ने किया जमीनी निरीक्षण

छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास एवं समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने शुक्रवार को सुकमा जिले के एक दिवसीय दौरे के दौरान कई महत्वपूर्ण संस्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों की शिक्षा, पोषण, महिला स्वावलंबन और आत्मसमर्पित युवाओं के पुनर्वास से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्ता और संवेदनशीलता के साथ पहुंचना चाहिए।

बच्चों के बीच बैठकर पढ़ी ABCD और पहाड़े

दौरे की शुरुआत आंगनबाड़ी केंद्र रोकेल और पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) से हुई। यहां मंत्री बच्चों के बीच फर्श पर बैठीं और उनसे आत्मीय बातचीत की।

उन्होंने बच्चों से:

  • एबीसीडी सुनी
  • पहाड़े पूछे
  • पढ़ाई और स्वास्थ्य की जानकारी ली
  • दैनिक गतिविधियों के बारे में बातचीत की

बच्चों का उत्साह बढ़ाने के लिए मंत्री ने उन्हें फल और चॉकलेट भी वितरित किए।

कुपोषित बच्चों के बेहतर उपचार पर जोर

पोषण पुनर्वास केंद्र के निरीक्षण के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि:

  • कुपोषित बच्चों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए।
  • उपचार और देखभाल की व्यवस्था मजबूत की जाए।
  • अधिक से अधिक जरूरतमंद बच्चों को केंद्र तक लाने के प्रयास किए जाएं।
  • नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य और पोषण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

इमली प्रसंस्करण केंद्र में महिलाओं के काम की सराहना

इसके बाद मंत्री कुम्हाररास स्थित इमली प्रसंस्करण केंद्र पहुंचीं, जहां स्व-सहायता समूहों की महिलाएं इमली आधारित उत्पाद तैयार कर रही हैं।

जानकारी के अनुसार यहां लगभग 60 महिलाओं को रोजगार मिला हुआ है।

केंद्र में तैयार किए जा रहे उत्पाद:

  • प्रसंस्कृत इमली
  • मूल्यवर्धित खाद्य सामग्री
  • स्थानीय बाजार आधारित उत्पाद

मंत्री ने इसे महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण रोजगार का सफल मॉडल बताया।

आत्मसमर्पित युवाओं को दी नई शुरुआत की प्रेरणा

अपने दौरे के दौरान मंत्री नक्सल पुनर्वास केंद्र भी पहुंचीं, जहां उन्होंने आत्मसमर्पित युवाओं से बातचीत की और वहां उपलब्ध सुविधाओं का निरीक्षण किया।

उन्होंने जानकारी ली:

  • रहने की व्यवस्था
  • भोजन की गुणवत्ता
  • कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम
  • रोजगार और पुनर्वास की योजनाएं

इस दौरान 36 प्रशिक्षणार्थियों को वेलकम किट भी वितरित की गई।

सरकार की प्राथमिकता है सम्मानजनक पुनर्वास

मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उन युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है जिन्होंने हिंसा का रास्ता छोड़कर विकास और शांति का मार्ग चुना है।

उन्होंने युवाओं को आत्मनिर्भर बनने और समाज में नई पहचान बनाने के लिए प्रेरित किया।

अधिकारियों को दिए महत्वपूर्ण निर्देश

दौरे के अंत में मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि:

  • योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
  • पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखी जाए।
  • नियमित निरीक्षण और निगरानी की जाए।
  • जरूरतमंद लोगों तक समय पर लाभ पहुंचाया जाए।

विकास की योजनाओं का जमीनी असर

सुकमा जैसे दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्र में शिक्षा, पोषण, महिला स्वावलंबन और पुनर्वास से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा यह दर्शाती है कि सरकार अब योजनाओं के केवल निर्माण नहीं बल्कि उनके जमीनी क्रियान्वयन पर भी विशेष ध्यान दे रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी पहलें न केवल सामाजिक विकास को गति देंगी बल्कि महिलाओं, बच्चों और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

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