12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सैनिक स्कूल अंबिकापुर में उत्साह, अनुशासन और ऊर्जा के साथ सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यालय परिसर स्थित विक्रम बत्रा ब्लॉक के सामने आयोजित इस विशेष योग सत्र में कैडेट्स, शिक्षकों, प्रशासनिक अधिकारियों, एनसीसी स्टाफ, पीटीआई स्टाफ तथा अन्य कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और कर्मचारियों को योग के महत्व से परिचित कराना तथा स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
योग के माध्यम से दिया गया स्वास्थ्य का संदेश
योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में आयोजित सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। योग विशेषज्ञों ने योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों की विस्तृत जानकारी भी दी।
योगाभ्यास के प्रमुख उद्देश्य
- शारीरिक फिटनेस को बढ़ावा देना
- मानसिक एकाग्रता विकसित करना
- तनाव मुक्त जीवनशैली अपनाना
- आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच को मजबूत करना
- अनुशासित जीवन के प्रति जागरूकता बढ़ाना
सभी प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह और समर्पण के साथ योग सत्र में हिस्सा लिया।
कैडेट्स ने दिखाया अनुशासन और समर्पण
सैनिक स्कूल के कैडेट्स ने योगाभ्यास के दौरान अनुशासन और समर्पण का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। योग सत्र में सामूहिक भागीदारी ने विद्यालय के सैन्य प्रशिक्षण और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को भी प्रदर्शित किया।
योग के दौरान कराए गए अभ्यास
- विभिन्न शारीरिक योगासन
- प्राणायाम तकनीक
- ध्यान एवं मानसिक एकाग्रता अभ्यास
- श्वास नियंत्रण संबंधी गतिविधियां
इन अभ्यासों के माध्यम से विद्यार्थियों को मानसिक और शारीरिक संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा दी गई।
प्राचार्य कर्नल रीमा सोबती ने दिया प्रेरक संदेश
विद्यालय की प्राचार्य Reema Sobti ने अपने संबोधन में कहा कि योग भारत की प्राचीन और अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर है।
उन्होंने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का साधन नहीं है, बल्कि यह मानसिक एकाग्रता, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच को विकसित करने का प्रभावी माध्यम भी है।
प्राचार्य की प्रमुख बातें
- योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं।
- स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली अपनाएं।
- मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें।
- अनुशासन और आत्मनियंत्रण को जीवन में उतारें।
उन्होंने सभी कैडेट्स, शिक्षकों और कर्मचारियों से नियमित योगाभ्यास करने का आह्वान किया।
स्वस्थ और संतुलित जीवन का लिया संकल्प
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने स्वस्थ, अनुशासित और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का सामूहिक संकल्प लिया।
इस अवसर पर विद्यालय प्रशासन ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और कैडेट्स के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
योग क्यों है आज की आवश्यकता?
आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में योग तनाव, चिंता और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचने का प्रभावी उपाय बनकर उभरा है।
नियमित योगाभ्यास के लाभ
- रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है।
- मानसिक तनाव कम होता है।
- एकाग्रता और स्मरण शक्ति बढ़ती है।
- शरीर में ऊर्जा और स्फूर्ति बनी रहती है।
- जीवन में सकारात्मकता का संचार होता है।
इसी वजह से योग आज केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में स्वास्थ्य और संतुलित जीवन का प्रतीक बन चुका है।