सुघ्घर छत्तीसगढ़ योजना
रायपुर। छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने ग्रामीण विकास को नई दिशा देने के लिए एक महत्वाकांक्षी अभियान ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़ योजना’ शुरू करने का फैसला किया है। बस्तर में सफल रहे ‘नियद नेल्लानार’ अभियान की तर्ज पर अब राज्य के 23 जिलों में विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए यह व्यापक अभियान चलाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार कर लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना है।
बस्तर मॉडल की सफलता के बाद पूरे प्रदेश में विस्तार
वर्ष 2024 में शुरू हुए ‘नियद नेल्लानार’ अभियान ने बस्तर के दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में विकास की नई इबारत लिखी। इस योजना के माध्यम से शासन की योजनाएं उन लोगों तक पहुंचीं, जो वर्षों से सरकारी सुविधाओं से वंचित थे। योजना की सफलता को देखते हुए इसे पहले 10 जिलों तक बढ़ाया गया और अब उसी मॉडल को पूरे प्रदेश के अन्य जिलों में लागू किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का कहना है कि विकसित छत्तीसगढ़ का सपना तभी पूरा होगा जब हर पात्र परिवार तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर और प्रभावी तरीके से पहुंचे।
23 जिलों में चलेगा विशेष अभियान
‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ अभियान रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और सरगुजा संभाग के 23 जिलों में संचालित किया जाएगा।
शामिल जिले
रायपुर संभाग
- रायपुर
- बलौदाबाजार-भाटापारा
- धमतरी
- महासमुंद
बिलासपुर संभाग
- बिलासपुर
- कोरबा
- जांजगीर-चांपा
- मुंगेली
- रायगढ़
- सक्ती
- गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
- सारंगढ़-बिलाईगढ़
दुर्ग संभाग
- दुर्ग
- बालोद
- बेमेतरा
- कबीरधाम
- राजनांदगांव
सरगुजा संभाग
- सरगुजा
- कोरिया
- सूरजपुर
- बलरामपुर-रामानुजगंज
- जशपुर
- मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर
31 योजनाओं का मिलेगा सीधा लाभ
इस अभियान के तहत सामाजिक सुरक्षा, आवास, रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और कृषि से जुड़ी 31 प्रमुख योजनाओं को एक मंच पर लाया जाएगा।
प्रमुख योजनाएं
- मनरेगा जॉब कार्ड
- प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)
- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन
- जल जीवन मिशन
- राशन कार्ड
- प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना
- आयुष्मान भारत योजना
- वृद्धावस्था पेंशन
- विधवा पेंशन
- दिव्यांग पेंशन
- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि
- किसान क्रेडिट कार्ड
- मृदा स्वास्थ्य कार्ड
- प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना
- जननी सुरक्षा योजना
- मिशन इंद्रधनुष
- महतारी वंदन योजना
- जन-धन योजना
- कौशल विकास योजनाएं
- श्रम कार्ड
- वनाधिकार पट्टा
- आधार कार्ड एवं अन्य प्रमाण-पत्र सेवाएं
तीन चरणों में होगा क्रियान्वयन
सरकार ने अभियान को प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए तीन चरणों की रणनीति तैयार की है।
पहला चरण: सर्वेक्षण और डेटा मैपिंग
- ग्राम स्तर पर सर्वे
- पात्र परिवारों की पहचान
- योजनावार आधारभूत आंकड़ों का संग्रह
दूसरा चरण: विशेष शिविर
- ग्राम और विकासखंड स्तर पर शिविर
- दस्तावेज सत्यापन
- हितग्राहियों का पंजीयन
- योजनाओं से सीधा जोड़ना
तीसरा चरण: निगरानी और मूल्यांकन
- योजनाओं की प्रगति की समीक्षा
- लाभार्थियों की निगरानी
- आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई
गांवों में दिखेगा विकास का नया दौर
सरकार का दावा है कि इस अभियान से ग्रामीण क्षेत्रों की तस्वीर बदल जाएगी। सड़क, पेयजल, बिजली और पंचायत स्तर के विकास कार्यों में तेजी आएगी। लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और राजस्व संबंधी सेवाएं अपने क्षेत्र में ही उपलब्ध होंगी।
ग्रामीणों को होंगे ये बड़े फायदे
- बेहतर सड़क और परिवहन सुविधा
- हर घर तक नल-जल योजना का विस्तार
- बिजली और आधारभूत सुविधाओं में सुधार
- गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
- सरकारी सेवाओं के लिए शहरों की दौड़ कम होगी
- स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं तक आसान पहुंच
विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में बड़ा कदम
‘सुघ्घर छत्तीसगढ़ योजना’ केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास का व्यापक मॉडल माना जा रहा है। यदि यह योजना तय लक्ष्य के अनुसार लागू होती है, तो आने वाले वर्षों में प्रदेश के हजारों गांवों में विकास, रोजगार और बेहतर जीवन सुविधाओं की नई तस्वीर देखने को मिल सकती है।
राज्य सरकार को उम्मीद है कि यह अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक और आर्थिक बदलाव लाने के साथ-साथ विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को भी मजबूत आधार प्रदान करेगा।