राहुल गांधी छत्तीसगढ़ दौरा
रायपुर। कांग्रेस नेता Rahul Gandhi के 21 जून को होने वाले छत्तीसगढ़ दौरे से पहले प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस के जिला अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर में शामिल होने आ रहे राहुल गांधी को लेकर भाजपा और कांग्रेस नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा के विवादित बयान और उस पर कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय की प्रतिक्रिया ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है।
भाजपा विधायक का विवादित बयान
भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ आगमन को लेकर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि “दिल्ली से जोकर आ रहा है और अगले दस दिनों तक छत्तीसगढ़ में सर्कस चलेगा।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई।
पुरंदर मिश्रा ने आगे कहा कि राम को काल्पनिक बताने वाले राहुल गांधी अब भगवान राम के ननिहाल माने जाने वाले छत्तीसगढ़ आ रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए व्यंग्य किया कि क्या राहुल गांधी कार्यकर्ताओं को “आलू से सोना निकालने” का प्रशिक्षण देने वाले हैं।
कांग्रेस का जोरदार पलटवार
भाजपा विधायक के बयान पर कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक Vikas Upadhyay ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पुरंदर मिश्रा मानसिक रूप से असंतुलित हो चुके हैं और केवल चर्चा में बने रहने के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं।
विकास उपाध्याय ने कहा कि भाजपा अगर उनका इलाज नहीं करा पा रही है तो कांग्रेस इसके लिए भी तैयार है। उन्होंने पुरंदर मिश्रा को “एक बार के एक्सीडेंटल विधायक” बताते हुए कहा कि वे अपना राजनीतिक कद बढ़ाने के लिए ऐसे बयान दे रहे हैं।
आज से शुरू हुआ कांग्रेस का प्रशिक्षण शिविर
कांग्रेस द्वारा आयोजित 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ अभनपुर में हो चुका है। इस शिविर में प्रदेशभर के जिला अध्यक्षों और संगठन पदाधिकारियों को संगठनात्मक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
शिविर की मुख्य विशेषताएं
- 10 दिनों तक चलेगा प्रशिक्षण कार्यक्रम।
- जिला अध्यक्ष और संगठन पदाधिकारी होंगे शामिल।
- बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने पर फोकस।
- आगामी चुनावी रणनीति और जनसंपर्क अभियान पर चर्चा।
- वरिष्ठ नेताओं का मार्गदर्शन।
21 जून को रायपुर पहुंचेंगे राहुल गांधी
कांग्रेस के अनुसार राहुल गांधी 21 जून को रायपुर पहुंचेंगे और लगभग साढ़े पांच घंटे तक प्रशिक्षण शिविर में मौजूद रहेंगे। इस दौरान वे पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को संबोधित करेंगे।
कार्यक्रम में Sachin Pilot सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता भी शामिल होंगे। पार्टी इस कार्यक्रम को संगठनात्मक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मान रही है।
दौरे से पहले बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
राहुल गांधी के आगमन से पहले जिस तरह दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हुआ है, उससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ की राजनीति और अधिक गर्म रहने वाली है।
एक ओर कांग्रेस इस प्रशिक्षण शिविर को संगठन को मजबूत करने का माध्यम बता रही है, वहीं भाजपा राहुल गांधी के दौरे को लेकर लगातार हमलावर रुख अपनाए हुए है। ऐसे में 21 जून का यह दौरा केवल संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रदेश की राजनीतिक दिशा तय करने वाली बड़ी घटना के रूप में भी देखा जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी के दौरे के दौरान दिए जाने वाले संदेश और रणनीति आगामी चुनावी समीकरणों पर भी असर डाल सकते हैं। इसलिए इस दौरे पर प्रदेशभर की निगाहें टिकी हुई हैं।