Gold Price
सोना और चांदी के बाजार में एक बार फिर जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। मंगलवार सुबह मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, लेकिन कुछ ही घंटों बाद बाजार में रिकवरी देखने को मिली। निवेशकों की नजर फिलहाल मध्य पूर्व के हालात, वैश्विक महंगाई और ब्याज दरों से जुड़े संकेतों पर टिकी हुई है।
शुरुआती कारोबार में टूटा सोना-चांदी
कारोबार की शुरुआत में सोना और चांदी दोनों दबाव में नजर आए।
- सोना वायदा 388 रुपये गिरकर 1,53,396 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।
- चांदी वायदा 2,457 रुपये टूटकर 2,43,932 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती दिखी।
हालांकि सुबह 11 बजे के आसपास बाजार में सुधार देखने को मिला और गोल्ड 1,54,845 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। वहीं चांदी 0.32 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 2,45,591 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड करती नजर आई।
पिछले सत्र में आई थी भारी गिरावट
सोना-चांदी में यह कमजोरी अचानक नहीं आई है। पिछले कारोबारी सत्र में भी बुलियन बाजार में बड़ी बिकवाली देखने को मिली थी।
- चांदी में करीब 7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
- सोना 2 प्रतिशत से ज्यादा फिसल गया था।
इस तेज गिरावट ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है और बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर
वैश्विक बाजार में भी सोने और चांदी पर दबाव बना हुआ है।
- स्पॉट गोल्ड 4,332.50 डॉलर प्रति औंस के आसपास बना रहा।
- अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 4,357.10 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा।
- हाजिर चांदी 67.71 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार की चाल का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ रहा है।
क्यों घट रही है सोने की मांग?
इजरायल और ईरान के बीच तनाव कम होने तथा संभावित युद्धविराम की खबरों ने सुरक्षित निवेश की मांग को प्रभावित किया है।
आमतौर पर जब वैश्विक तनाव बढ़ता है तो निवेशक सोने और चांदी की ओर रुख करते हैं। लेकिन जब हालात सामान्य होने लगते हैं तो निवेशक शेयर बाजार और अन्य जोखिम वाले निवेश विकल्पों की तरफ बढ़ते हैं। यही वजह है कि बुलियन की कीमतों पर दबाव दिखाई दे रहा है।
महंगाई और ब्याज दरों पर टिकी नजर
निवेशक अब दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर भी नजर बनाए हुए हैं।
यदि महंगाई दर ऊंची बनी रहती है और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना मजबूत होती है, तो सोने और चांदी जैसे गैर-ब्याज वाले निवेश साधनों की मांग प्रभावित हो सकती है। यही कारण है कि बाजार में फिलहाल सतर्कता का माहौल बना हुआ है।
आगे क्या हो सकता है?
विश्लेषकों के अनुसार आने वाले दिनों में मध्य पूर्व की स्थिति और वैश्विक आर्थिक आंकड़े सोने-चांदी की दिशा तय करेंगे।
एमसीएक्स गोल्ड के प्रमुख स्तर:
- रजिस्टेंस: 1,55,000 से 1,55,700 रुपये
- अगला लक्ष्य: 1,57,000 रुपये
- सपोर्ट: 1,52,000 से 1,51,500 रुपये
यदि सोना 1,55,700 रुपये के ऊपर मजबूती से टिकता है तो तेजी लौट सकती है। वहीं 1,54,000 रुपये से नीचे फिसलने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है।