रायपुर। इबोला वायरस प्रभावित देशों से आए अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों की निगरानी के तहत दुर्ग जिले में वर्तमान में तीन यात्रियों को 21 दिनों के लिए होम आइसोलेशन में रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इनमें एक यात्री 31 मई को कांगो से दुर्ग पहुंची हैं, जबकि दो यात्री 2 जून को भिलाई पहुंचे, जिनमें एक इथियोपिया और एक युगांडा से आए हैं।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि तीनों यात्रियों में इबोला संक्रमण के कोई लक्षण नहीं पाए गए हैं और न ही उनका किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने का इतिहास है। एहतियात के तौर पर उन्हें 21 दिनों के लिए होम आइसोलेशन में रखा गया है। उनकी प्रतिदिन सुबह और शाम टेलीफोन के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी निगरानी की जा रही है।
वर्तमान में तीनों यात्री पूरी तरह स्वस्थ एवं लक्षणमुक्त हैं। स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या होने पर ट्रेसिंग टीम, स्वास्थ्य विभाग, कंट्रोल रूम अथवा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय, दुर्ग को तत्काल सूचना देने के निर्देश दिए हैं।
इबोला वायरस के प्रमुख लक्षण
- तेज बुखार
- उल्टी
- पेट दर्द
- जोड़ों में दर्द
- अत्यधिक थकान
- सिरदर्द
- अधिक मात्रा में पानी जैसा दस्त (वाटरी डायरिया)
संक्रमण कैसे फैलता है?
इबोला वायरस संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क अथवा उसके शारीरिक द्रव (बॉडी फ्लूइड) के संपर्क में आने से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है।
जांच और निगरानी
इबोला संक्रमण की पुष्टि के लिए मुख्य रूप से आरटी-पीसीआर जांच की जाती है। अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों की एयरपोर्ट पर क्लिनिकल स्क्रीनिंग की जा रही है और जोखिम के आधार पर उन्हें विभिन्न श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है।
दुर्ग जिले में आए तीनों यात्रियों को लक्षण न होने और संपर्क इतिहास नहीं मिलने के कारण सेल्फ मॉनिटरिंग के तहत 21 दिनों के लिए होम आइसोलेशन में रखा गया है।
जिला स्तरीय रैपिड रिस्पांस टीम
- डॉ. सी.बी.एस. बंजारे – जिला सर्विलेंस अधिकारी
- डॉ. दिव्या श्रीवास्तव – जिला टीकाकरण अधिकारी
- डॉ. रश्मि ग्लैड – जिला मलेरिया अधिकारी
- श्रीमती रितिका सोनवानी – जिला महामारी अधिकारी
स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने तथा किसी भी संदिग्ध लक्षण की स्थिति में तुरंत स्वास्थ्य अधिकारियों से संपर्क करने की अपील की है।