केदार कश्यप
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदेश के वन मंत्री केदार कश्यप ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा लगाए गए आरोपों पर तीखा पलटवार करते हुए कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास जनता से जुड़े मुद्दे नहीं बचे हैं, इसलिए वह बेबुनियाद आरोप लगाकर लोगों को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है।
केदार कश्यप ने कहा कि कांग्रेस आज लोकतंत्र की बात कर रही है, जबकि देश के इतिहास में वही पार्टी लोकतंत्र को सबसे बड़ा नुकसान पहुंचाने वाली रही है। उन्होंने आपातकाल का जिक्र करते हुए कहा कि भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में कांग्रेस ने आपातकाल थोपकर लोकतांत्रिक मूल्यों का गला घोंटा था।
आपातकाल को लेकर कांग्रेस पर हमला
वन मंत्री ने कहा कि देश की नई पीढ़ी को यह जानना जरूरी है कि आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की आवाज उठाने वाले हजारों लोगों, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को जेलों में डाल दिया गया था। उस समय अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर रोक लगाई गई और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया गया।
उन्होंने कहा कि यह इतिहास केवल किताबों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि युवाओं को लोकतंत्र के महत्व और उसकी रक्षा की जिम्मेदारी को भी समझना चाहिए। लोकतांत्रिक मूल्यों को जीवन में अपनाना ही सच्चे लोकतंत्र की पहचान है।
किसानों के लिए सरकार की नई पहल
केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार खेती को अधिक लाभकारी बनाने और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने की दिशा में कई योजनाएं चला रही है।
सरकार द्वारा किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए निम्न कदम उठाए जा रहे हैं-
- दलहन और तिलहन फसलों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
- किसानों को प्रति हेक्टेयर 15 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।
- इन फसलों की खरीद के लिए प्रभावी व्यवस्था तैयार की जा रही है।
- किसानों की आय बढ़ाने और लागत कम करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने दावा किया कि इन योजनाओं का सीधा लाभ किसानों को मिलेगा और प्रदेश में कृषि क्षेत्र और मजबूत होगा।
स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर कांग्रेस पर साधा निशाना
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए केदार कश्यप ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में स्वास्थ्य व्यवस्था कई विवादों और अव्यवस्थाओं से घिरी रही। इसके विपरीत वर्तमान सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने पर ध्यान दे रही है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के नेतृत्व में देश में स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े स्तर पर काम हुआ है और आम नागरिकों को इसका लाभ मिल रहा है।
नीट परीक्षा पर सरकार गंभीर
केदार कश्यप ने नीट परीक्षा के मुद्दे पर भी सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि-
- परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जा रहा है।
- निष्पक्षता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।
- छात्रों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
सुशासन और जनहित सरकार की प्राथमिकता
वन मंत्री ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने और घोटालों से जुड़ा रहा है। वहीं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि आज की जनता तथ्यों और विकास कार्यों के आधार पर निर्णय ले रही है। ऐसे में कांग्रेस के आरोपों का जनता पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच यह स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ में आने वाले समय में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने वाला है।