तुमान फीडर
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के बरपाली विद्युत वितरण केंद्र अंतर्गत आने वाले तुमान फीडर क्षेत्र में लगातार 17 घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रहने से ग्रामीणों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। भीषण गर्मी और उमस के बीच आधा दर्जन से अधिक गांवों के लोगों को पूरी रात बिना बिजली के गुजारनी पड़ी। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि लोगों को न केवल गर्मी से जूझना पड़ा, बल्कि पेयजल संकट का भी सामना करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, 28 जून की शाम करीब 4 बजे तुमान फीडर की बिजली आपूर्ति अचानक बाधित हो गई। विभाग की ओर से 11 केवी लाइन में फॉल्ट और ब्रेकडाउन की जानकारी दी गई, लेकिन देर रात तक सुधार कार्य शुरू नहीं हो सका। इसके चलते सलिहाभांठा, बंधवाभांठा, डोंगरीभांठा, पकरिया, सराईडीह सहित आसपास के कई गांव अंधेरे में डूबे रहे।
इन गांवों में सबसे ज्यादा असर
बिजली कटौती का सबसे अधिक असर ग्रामीण इलाकों में देखने को मिला। प्रभावित गांवों में शामिल हैं—
- सलिहाभांठा
- बंधवाभांठा
- डोंगरीभांठा
- पकरिया
- सराईडीह
- आसपास के अन्य गांव
ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बढ़ती गर्मी और उमस के कारण बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी।
पानी का संकट भी गहराया
बिजली नहीं रहने से गांवों में पेयजल व्यवस्था भी चरमरा गई। अधिकांश ग्रामीण निजी बोरवेल और मोटर पंप के जरिए पानी की व्यवस्था करते हैं।
बिजली बाधित होने के कारण—
- पानी की मोटर बंद हो गईं।
- निजी बोरवेल काम नहीं कर सके।
- कई घरों तक पानी नहीं पहुंच पाया।
- लोगों को हैंडपंपों का सहारा लेना पड़ा।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि बिजली संकट लंबे समय तक जारी रहता है तो पानी की समस्या और गंभीर हो सकती है।
मोबाइल बंद, इनवर्टर भी हुए जवाब
लगातार बिजली नहीं रहने से लोगों के मोबाइल फोन डिस्चार्ज हो गए। जिन घरों में इनवर्टर लगे थे, उनकी बैटरी भी देर रात तक खत्म हो गई। इसके बाद लोगों को अंधेरे और गर्मी दोनों का सामना करना पड़ा।
हेल्पलाइन में शिकायत के बाद भी नहीं मिला समाधान
ग्राम के निवासी शैलेन्द्र जायसवाल ने रात करीब 11:30 बजे बिजली विभाग के हेल्पलाइन नंबर 1912 पर शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बावजूद बिजली बहाल नहीं हो सकी।
इसके बाद सोमवार सुबह भुवनेश्वर महतो ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में भी शिकायत दर्ज कराई। हालांकि शिकायत के समाधान के लिए 7 से 15 दिन का समय बताए जाने से ग्रामीणों में नाराजगी और बढ़ गई।
बार-बार सामने आती है यह समस्या
ग्रामीणों का कहना है कि तुमान फीडर क्षेत्र में बिजली संकट कोई नई बात नहीं है। यहां अक्सर—
- 11 केवी लाइन में फॉल्ट,
- 33 केवी लाइन में तकनीकी खराबी,
- पेड़ गिरने से बिजली लाइन क्षतिग्रस्त होना,
- ब्रेकडाउन जैसी समस्याएं सामने आती रहती हैं।
लोगों का आरोप है कि रात में बिजली जाने के बाद कई घंटों तक आपूर्ति बहाल नहीं होती और अधिकारी फोन तक नहीं उठाते।
ग्रामीणों ने उठाई कार्रवाई की मांग
लगातार हो रही परेशानियों से नाराज ग्रामीणों ने बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी क्षेत्र की बिजली समस्या के स्थायी समाधान के लिए पहल करने की अपील की है।
ग्रामीणों का कहना है कि भीषण गर्मी के दौरान लंबे समय तक बिजली गुल रहना बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों के लिए गंभीर समस्या बन जाता है। ऐसे में जरूरी है कि विभाग जल्द से जल्द बिजली व्यवस्था बहाल करे और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए स्थायी समाधान सुनिश्चित करे।
अब क्षेत्र के लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन और बिजली विभाग इस समस्या को कितनी गंभीरता से लेते हैं और राहत कब तक मिलती है।